बेंगलुरु: बेलगावी जिले के कुरुबा समुदाय के प्रभावशाली नेता श्री सदाशिव देसिंगे ने आज कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में आधिकारिक रूप से शामिल हो गए। बेंगलुरु के मल्लेश्वरम स्थित राज्य भाजपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में, राज्य भाजपा अध्यक्ष श्री बी.वाई. विजयेंद्र की उपस्थिति में उन्होंने भाजपा का झंडा थामकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।भाजपा राज्य सचिव शरणु तल्लिकेरी का संबोधन:इस अवसर पर बोलते हुए भाजपा राज्य सचिव श्री शरणु तल्लिकेरी ने कहा, “सदाशिव देसिंगे का शामिल होना बेलगावी क्षेत्र में पार्टी संगठन को और मजबूती प्रदान करेगा। हम उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हैं क्योंकि वे हमारी पार्टी की विचारधारा और विकास के प्रति प्रतिबद्धता के साथ जुड़े हैं। हमें सत्तारूढ़ सरकार की विफलताओं को उजागर करने और जनहित के लिए एकजुट होकर काम करना होगा।” उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री और के.आर. पुरम विधायक भैरति बसवराज, राज्यसभा सांसद डॉ. मा. नागराज, राज्य महासचिव पी. राजीव, रायबाग विधायक दुर्योधन ऐहोल, कलबुर्गी ग्रामीण विधायक बसवराज मत्तिमोड, राज्य सचिव अंबिका हुलिनायकर, ओबीसी मोर्चा के राज्य महासचिव बी. सोमशेखर, भीमराज ओडेयार ,सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। राज्य भाजपा नेतृत्व ने विश्वास जताया कि इस शामिल होने से क्षेत्र में पार्टी के संगठन को काफी मजबूती मिलेगी।Read More
महाराष्ट्र में बड़ा विमान हादसा हो गया है। डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश हो गया है। बता दें कि अजित पवार की बारामती में सभा होनी थी। लैंडिंग के समय खेत में विमान गिरा। डिप्टी सीएम अजित पवार हादसे के वक्त प्लेन में मौजूद थे। मौके पर पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन की टीम पहुंच चुकी है। क्रैश होते ही विमान में भीषण आग लग गई। महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के बाद अजित पवार आगे की तैयारी में जुट गए थे। जिला परिषद चुनाव के लिए अजित पवार बारामती रवाना हुए थे। बुधवार को बारामती में अजित पवार की 4 सभाएं होने वाली थीं।Read More
बेलगाम: श्री शिवलिंगप्पा किन्नूर बिना किसी सहमति के राष्ट्रीय समाज पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट चुने गए हैं। यह अहम फैसला बेलगाम जिले के खानपुर तालुक के नंदगढ़ में क्रांतिवीर संगोली रायन्ना म्यूजियम में हुए राष्ट्रीय समाज पार्टी के नेशनल कन्वेंशन में लिया गया। पार्टी के फाउंडर मेंबर सिद्दप्पा अक्कीसागर की अध्यक्षता में हुए कन्वेंशन में, मौजूदा नेशनल प्रेसिडेंट महादेव जानकर ने अपना टर्म पूरा होने का ऐलान किया। बाद में, मनोज निगडकर ने पार्टी के सीनियर लीडर शिवलिंगप्पा किन्नूर के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे बालकृष्ण लेंगरे मामा ने मंज़ूरी दी। इस संदर्भ में, शिवलिंगप्पा किन्नूर को बिना किसी सहमति के नेशनल प्रेसिडेंट घोषित किया गया। चुनाव के दौरान फाउंडर प्रेसिडेंट महादेव जानकर, बालकृष्ण लेंगरे मामा, कुमार सुशील, मनोज निगडकर, शिवलिंगप्पा जोगिना समेत देश के अलग-अलग राज्यों से पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। नेशनल कन्वेंशन में वन नेशन-वन एजुकेशन, जाति-आधारित जनगणना, सभी के लिए फ्री हेल्थ सर्विस, किसानों के लिए फ्री बिजली समेत कई ज़रूरी पॉलिसी प्रस्ताव पास किए गए। कर्नाटक के कलबुर्गी जिले के रहने वाले शिवलिंगप्पा किन्नूर को कोली समुदाय के एक सीनियर नेता के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जेवरगी सीट से राष्ट्रीय समाज पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, और चुनाव लड़ने वाले सबसे उम्रदराज उम्मीदवार बन गए। कन्वेंशन में शामिल लोगों ने कहा कि शिवलिंगप्पा किन्नूर को चुनकर राष्ट्रीय समाज पार्टी ने कोली समुदाय को नेशनल लीडरशिप का मौका दिया है।Read More
सिद्धारमैया राज्य की राजनीति में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बना रहे हैं, उन्होंने पूर्व CM स्वर्गीय देवराज उर्स के रिकॉर्ड की बराबरी की है। मुख्यमंत्री के इकोनॉमिक एडवाइजर और MLA बसवराज रायारेड्डी ने CM को लेटर लिखकर इस बारे में सिद्धारमैया को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि सिद्धारमैया पूरे टर्म के लिए CM रहेंगे। रायारेड्डी के लेटर में क्या है? आपके विजनरी लीडरशिप के लिए बधाई, जो कर्नाटक के सोशल जस्टिस और हर तरह के विकास की विरासत को असरदार तरीके से आगे बढ़ा रहा है। कर्नाटक के पॉलिटिकल इतिहास में महान नेताओं के हिम्मत भरे संघर्षों की एक सुनहरी विरासत है, जिन्होंने लोगों के हक में शासन, सोशल जस्टिस और संवैधानिक बराबरी के मूल्यों की वकालत की। इस देश का प्रोग्रेसिव पॉलिटिकल कल्चर उन नेताओं से बढ़ा है जो शोषित, पिछड़े और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए हिम्मत से खड़े हुए। स्वर्गीय देवराज उर्स उन महान नेताओं में सबसे आगे हैं जिन्होंने उस विरासत पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने 20-3-1972 से 31-12-1977 तक और 28-2-1978 से 7-1-1980 तक कुल 2,792 दिनों तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया, और ज़मीन सुधार, सामाजिक न्याय, पिछड़े वर्गों के उत्थान और शोषितों के सशक्तिकरण के ज़रिए राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक अमर अध्याय लिखा। इसके अलावा, कर्नाटक राज्य को प्रगतिशील सोच की ओर ले जाने में पूर्व मुख्यमंत्रियों केंगल हनुमंतैया, निजलिंगप्पा और श्रीयुत रामकृष्ण हेगड़े के खुले विचारों और ईमानदार सोच आज भी हमारे सामने ज़िंदा हैं। उसी सामाजिक न्याय, दार्शनिक और राजनीतिक परंपरा और आज की ज़रूरतों के हिसाब से हर तरफ़ विकास की सोच को जारी रखते हुए, आपने कर्नाटक के इतिहास में एक नया मील का पत्थर तय किया है। राज्य के लोगों के लिए यह बहुत गर्व की बात है कि आपने 13-05-2013 से 15-05-2018 तक और 20-05-2023 से 06-01-2026 तक मुख्यमंत्री के तौर पर पद संभाला है, और एक लंबे और सार्थक प्रशासन के ज़रिए एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। और मुझे विश्वास है कि आप अगले ढाई साल तक, यानी 28 मई 2028 तक इस राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर हर तरफ़ विकास के लिए काम करते रहेंगे। आपका ईमानदार और पारदर्शी प्रशासन साफ़ तौर पर लोगों के हक में, संवैधानिक और सामाजिक न्याय पर केंद्रित है। आपके सच्चे विचारों ने अन्नभाग्य, क्षीरभाग्य, विद्यासिरी, इंदिरा कैंटीन, शक्ति, गृहलक्ष्मी, गृहलज्योति, युवानिधि जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के ज़रिए गरीबों, महिलाओं, मज़दूरों, छात्रों और युवाओं को आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान देने में अहम भूमिका निभाई है। साथ ही, राज्य के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों को, चाहे वे किसी भी धर्म या जाति के हों, किसान समुदाय को भी आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान दिया है। ये योजनाएं कर्नाटक को सही मायने में एक वेलफेयर स्टेट के मॉडल के तौर पर बनाने के एक बड़े राजनीतिक इरादे की झलक हैं। आपके प्रशासन में पारदर्शिता, आर्थिक अनुशासन, संविधान के मूल्यों के प्रति अटूट निष्ठा और जाति, धर्म और भाषा से ऊपर उठकर सबको साथ लाने वाली तालमेल की राजनीति, आपकी लीडरशिप की खास पहचान है। आने वाले इतिहास के पन्नों में आपको एक ऐसे नेता के तौर पर ज़रूर सम्मान के साथ याद किया जाएगा, जिन्होंने अपने सामाजिक और प्रगतिशील नज़रिए को आज का राजनीतिक रूप दिया। इस संदर्भ में, कर्नाटक के करोड़ों लोगों की ओर से, मैं आपके दूर की सोच वाले नेतृत्व, लोगों के हित में नीतियों और राज्य को बराबरी, मेलजोल और सामाजिक न्याय के रास्ते पर आगे बढ़ाने में आपकी बिना थके सेवा के लिए आपको दिल से बधाई देता हूं,” रायारेड्डी ने पत्र में कहा।Read More
कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग और भाजपा के बीच “साझेदारी” का आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में वोट बढ़े हैं, जबकि बिहार में घटेंगे। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने शनिवार को बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि यह “एनआरसी को वापस लाने का एक और तरीका” है और आरोप लगाया कि सरकार देश में “सत्तावादी” शासन लागू करना चाहती है। सिब्बल ने भारतीय चुनाव आयोग और भाजपा के बीच ‘‘साझेदारी’’ का आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में वोट बढ़े हैं, जबकि बिहार में घटेंगे। कपिल सिब्बल ने एएनआई से कहा, “ऐसा कहा जा रहा है कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट है; यह एनआरसी को वापस लाने का एक और तरीका है…वे भारत में बहुसंख्यक शासन लागू करना चाहते हैं…वे नहीं चाहते कि भारत में कोई और सत्ता में आए। महाराष्ट्र में उन्होंने वोटों की संख्या बढ़ाई और यहां वे इसे कम कर रहे हैं। मेरा आरोप है कि चुनाव आयोग और उनके (भाजपा) बीच साझेदारी है।” उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को चुनाव आयोग को चुनावी राज्य बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य को जारी रखने की अनुमति दे दी।Read More
महाभारत के रचयिता थे महर्षि वेदव्यास, आज भी सशरीर धरती
Immortal Maharshi Ved Vyas : महाकाव्य रचियता ऋषि वेदव्यास जी का नाम आपने जरूर सुना होगा, वे महाभारत और पुराणों के रचयिता थे. महर्षि व्यास को भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है. हाइलाइट्समहर्षि वेदव्यास जी का जन्म एक द्वीप के अन्दर हुआ था.उन्हें कृष्णद्वैपायन के नाम से भी जाना जाता है.Immortal Maharshi Ved Vyas : महर्षि वेदव्यास एक ऐसा नाम है जो आपने अपने ग्रंथों और पुराणों में जरूर पढ़ा होगा या सुना होगा. वे अद्भुत शक्तियों से संपन्न थे, साथ ही वे महाभारत के रचयिता भी हैं. महर्षि व्यास जी का जन्म त्रेता युग के अन्त में आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि पर हुआ था और वे पूरे द्वापर युग तक जीवित रहे. आपको बता दें कि, महर्षि वेदव्यास जी 8 चिरंजीवियों में शामिल हैं जो आज भी धरती पर किसी ना किसी रूप में सशरीर जीवित हैं. आइए 10 पॉइंट में जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातें भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से. कुछ ऐसा रहा था महर्षि वेदव्यास का जीवन यह भी पढ़ें – आपने पहन रखा है मूंगा रत्न? धारण करने से पहले जान लें ये नियम, किसे होगा फायदा और किसे नुकसान?Read More
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