नई दिल्ली: पिछले 13 वर्षों से न्याय की बाट जोह रहे सौजन्या दुष्कर्म और हत्या मामले में आज (29 अप्रैल, 2026) सर्वोच्च न्यायालय ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। कार्यकर्ता गिरीश मट्टेन्नवर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने गवाहों की सुरक्षा और नए सिरे से जांच को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं।सुनवाई के मुख्य अंश:गवाहों की तत्काल सुरक्षा: अतीत में महत्वपूर्ण गवाहों की संदिग्ध मृत्यु को देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि सभी मुख्य गवाहों को तुरंत कड़ी पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।सीबीआई और राज्य सरकार को निर्देश: अदालत ने सीबीआई और कर्नाटक सरकार से दो सप्ताह के भीतर लिखित में जवाब मांगा है कि क्या इस मामले की पुन: जांच (Re-investigation) की जा सकती है और इसके लिए कौन सी एजेंसी उपयुक्त होगी।सरकार को फटकार: अदालत ने इस गंभीर मामले में राज्य सरकार की सुस्ती पर कड़ी नाराजगी जताई और सरकारी वकील को फटकार लगाते हुए मामले में सक्रियता दिखाने को कहा।बंद लिफाफे में सबूत: याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कुछ गोपनीय दस्तावेज और सबूत ‘बंद लिफाफे’ में कोर्ट को सौंपे, जिसे आधार बनाकर सुरक्षा के आदेश दिए गए।गिरीश मट्टेन्नवर ने कहा कि यह न्याय की लड़ाई लड़ रहे कार्यकर्ताओं और सौजन्या के परिवार की नैतिक जीत है। मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।Read More
ग्वालियर। अखिल भारतीय कोली समाज (रजि.) नई दिल्ली के मार्गदर्शन में ‘माहौर (कोरी) महासभा ग्वालियर’ द्वारा 13वें युवक-युवती परिचय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। अचलेश्वर मंदिर स्थित चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स भवन में आयोजित इस गरिमामय समारोह में समाज के लगभग 250 युवक-युवतियों ने अपना परिचय दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री वीरेंद्र कश्यप रहे, जबकि अध्यक्षता राष्ट्रीय महासचिव श्री डी.पी. शंखवार ने की। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा परिचय पत्रिका ‘दिल के रिश्ते’ का विमोचन भी किया गया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष श्री महेश उमरैया, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्री अमरदीप कंसोरिया और प्रदेश महासचिव श्री दिलीप देवरिया उपस्थित रहे। महासभा के संरक्षक श्री के.सी. माहौर, ग्वालियर के पूर्व सभापति श्री राकेश माहौर और श्री मूलचंद रसेनिया ने भी अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई। महासभा के प्रदेश महासचिव श्री दिलीप देवरिया ने सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि “ऐसे सम्मेलन समाज में एकजुटता और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। ‘दिल के रिश्ते’ पत्रिका विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए सही जीवनसाथी चुनने में मील का पत्थर साबित होगी।” इस ऐतिहासिक सफलता के लिए महासभा अध्यक्ष श्री पवन माहौर, प्रभारी अध्यक्ष श्री सुभाष माहौर, श्री मानसिंह माहौर, श्री गजेंद्र राजोरिया, श्री भूपेश माहौर सहित पूरी टीम की सराहना की गई। अंत में महासभा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।Read More
रिपोर्ट :: सोमशेखरा नायक लिंगासागुर: शहर के दिल कहे जाने वाले गड़ियारा चौक की यातायात और पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है, जिससे जनता को हर दिन परेशानी हो रही है। सड़क के किनारे हर जगह वाहन खड़े हैं, जिससे सुचारू यातायात में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है।गड़ियारा चौक शहर का मुख्य व्यापारिक केंद्र है। हजारों लोग प्रतिदिन व्यापार के लिए यहां आते हैं। हालांकि, दोपहिया वाहन और ऑटो-रिक्शा सड़क पर अनुशासित तरीके से नहीं, बल्कि बेतरतीब ढंग से खड़े किए जाते हैं। इससे सड़क संकरी हो रही है और पैदल चलने वालों के लिए जान जोखिम में डालने जैसी स्थिति पैदा हो गई है।पुलिस स्टेशन पास होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं:जनता के गुस्से का मुख्य कारण यह है कि लिंगासागुर पुलिस स्टेशन गड़ियारा चौक से कुछ ही दूरी पर स्थित है। हालांकि, जनता का सीधा आरोप है कि पुलिस इस यातायात अव्यवस्था को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। स्थानीय लोग इस बात पर नाराज़गी जता रहे हैं कि संबंधित अधिकारी दिनभर इस क्षेत्र में होने वाली परेशानी को अनदेखा कर रहे हैं।जनता की मांग:“गाड़ी चालक हर जगह गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे हमें चलने-फिरने की जगह नहीं मिलती। पुलिस को इस संबंध में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और पार्किंग के लिए अलग से व्यवस्था करनी चाहिए,” स्थानीय निवासियों ने मांग की है।संबंधित पुलिस विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को जागना चाहिए और गड़ियारा चौक में सुचारू यातायात सुनिश्चित करके जनता की समस्या का समाधान करना चाहिए।Read More
