महाभारत के रचयिता थे महर्षि वेदव्यास, आज भी सशरीर धरती
Immortal Maharshi Ved Vyas : महाकाव्य रचियता ऋषि वेदव्यास जी का नाम आपने जरूर सुना होगा, वे महाभारत और पुराणों के रचयिता थे. महर्षि व्यास को भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है. हाइलाइट्समहर्षि वेदव्यास जी का जन्म एक द्वीप के अन्दर हुआ था.उन्हें कृष्णद्वैपायन के नाम से भी जाना जाता है.Immortal Maharshi Ved Vyas : महर्षि वेदव्यास एक ऐसा नाम है जो आपने अपने ग्रंथों और पुराणों में जरूर पढ़ा होगा या सुना होगा. वे अद्भुत शक्तियों से संपन्न थे, साथ ही वे महाभारत के रचयिता भी हैं. महर्षि व्यास जी का जन्म त्रेता युग के अन्त में आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि पर हुआ था और वे पूरे द्वापर युग तक जीवित रहे. आपको बता दें कि, महर्षि वेदव्यास जी 8 चिरंजीवियों में शामिल हैं जो आज भी धरती पर किसी ना किसी रूप में सशरीर जीवित हैं. आइए 10 पॉइंट में जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातें भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से. कुछ ऐसा रहा था महर्षि वेदव्यास का जीवन यह भी पढ़ें – आपने पहन रखा है मूंगा रत्न? धारण करने से पहले जान लें ये नियम, किसे होगा फायदा और किसे नुकसान?Read More
